राष्ट्रपति शासन प्रणाली (Presidential Form of Government)

राष्ट्रपति शासन प्रणाली (Presidential Form of Government)
भारत के विपरीत, अमेरिकी संविधान राष्ट्रपति शासन का प्रावधान रखता है। राष्ट्रपति शासन का प्रावधान केवल अमेरिका में ही नहीं, बल्कि कई यूरोपियन और अमेरिकन देशो में भी देखा जा सकता हैं। जैसे अर्जेंटीना, फ्रांस, ब्राज़ील  और केन्या। राष्ट्रपति शासन प्रणाली की कुछ विशेषताएं इस प्रकार हैं:

(ए) राष्ट्रपति राज्य (state) और सरकार (government) दोनों का प्रमुख होता हैं। राज्य के प्रमुख के रूप में, वह एक औपचारिक पद (ceremonial head) पर काबिज हैं। वही सरकार के प्रमुख (executive head) के रूप में वह सरकार के कार्यकारी अंग का नेतृत्व करता है।

(b) राष्ट्रपति का चुनाव एक निर्वाचन व्यवस्था के द्वारा चार वर्ष की निश्चित अवधि के लिए किया जाता है। उसे कांग्रेस द्वारा महाभियोग को चलाने के अलावा छोड़कर उसे किसी भी स्थिति में हटाया नहीं जा सकता।

(c) राष्ट्रपति एक कैबिनेट, जिसे ‘किचन कैबिनेट’ भी कहा जाता हैं,  की सहायता से शासन करता है। यह केवल एक सलाहकार निकाय है और इसमें गैर-निर्वाचित विभागीय सचिव होते हैं। वे राष्ट्रपति के द्वारा चुने और नियुक्त किए जाते हैं, और उन्हें केवल राष्ट्रपति के द्वारा ही किसी भी समय उसे हटाया जा सकता है।

(d) राष्ट्रपति और उसके सचिव कांग्रेस के प्रति जिम्मेदार नहीं होते। इसके अलावा ना वे कांग्रेस में सदस्यता ग्रहण कर सकते है और न इसके सत्र में भाग ले सकते हैं।

(e) राष्ट्रपति कांग्रेस के निचले सदन “प्रतिनिधि सभा” (house of representatives) को भंग नहीं कर सकता है।

(f) शक्तियों के विभाजन के सिद्धांत राष्ट्रपति शासन प्रणाली का आधार है। इसके अलावा, सरकार की शक्तियों को तीन स्वतंत्र अंगों में अलग कर दिया गया है -- विधायी, कार्यकारी और न्यायिक।